◆ सप्त शक्ति संगम मातृ सम्मेलन संपन्न
सिरोही (रमेश टेलर)संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय बरलूट के तत्वावधान में बुधवार को नवारा, बावली व गुड़ा गांवों में सप्त शक्ति संगम मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती मोनिका सोमपुरा ने मातृशक्ति के महत्व पर अपने प्रेरक विचार रखते हुए कहा कि “संस्कारों की प्रथम पाठशाला माता की गोद होती है। यदि माता अपने बच्चों में देशभक्ति, संस्कार और सेवा भाव का बीज बोएगी, तो वही बीज आगे चलकर सशक्त भारत का निर्माण करेगा।”
मोनिका सोमपुरा ने माताओं से आह्वान किया कि वे बच्चों को मोबाइल और टीवी की दुनिया से निकालकर भारतीय संस्कृति, परंपरा और चरित्र निर्माण की ओर प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति ही समाज की वास्तविक धुरी है, जो हर परिवर्तन की जननी बन सकती है।

इस अवसर पर आसपास के गांवों से करीब 125 माताएँ, बहिनें उपस्थित रही। सम्मेलन में आचार्या कोमल कुंवर, सोनल पुरोहित, बिन्दु कुंवर एवं महिमा सहित विद्यालय परिवार की अनेक कार्यकर्ता बहिनों ने सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान माताओं ने अपने अनुभव साझा किए और बच्चों के सर्वांगीण विकास में मातृभूमिका को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी माताओं ने संगठन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज में संस्कारों और मातृशक्ति के प्रति सम्मान की भावना को और प्रबल करते है।

