मां ही प्रथम गुरु और परिवार ही प्रथम पाठशाला – कोमल कुंवर

सिरोही (रमेश टेलर)आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय बरलूट द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में, इस सप्ताह सोमवार को वराड़ा, मंडवारिया, व देलदर गांवों में ‘सशक्त शक्ति संगम मातृ सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया।

इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम की मुख्य वक्ता कोमल कुंवर थीं। उन्होंने माताओं को संबोधित करते हुए कहा, “मनुष्य के जीवन में विचारों की आधारशिला मां की गोद से ही रखी जाती है। मां ही प्रथम गुरु है और परिवार ही बच्चे की पहली पाठशाला है।”

कोमल कुंवर ने इस बात पर बल दिया कि माताएं अगर अपने बच्चों में बचपन से ही देशप्रेम, उच्च संस्कार और सेवाभाव के बीज डालती हैं, तो यही बच्चे बड़े होकर एक सशक्त और आदर्श राष्ट्र का निर्माण करेंगे। उन्होंने माताओं को बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपनी भूमिका को पहचानने और उसे मजबूत करने का आह्वान किया।

इस सम्मेलन में तीनों गांवों और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 125 मातृशक्ति की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। कार्यक्रम में सोनल पुरोहित, बिन्दु कुंवर, महिमा एवं विद्यालय परिवार की अन्य कार्यकर्ता बहिनों ने भी सक्रिय सहयोग किया।

मातृशक्ति ने इस दौरान अपने पालन-पोषण के अनुभवों को साझा किया और संकल्प लिया कि वे अपने बच्चों को बेहतर नागरिक बनाने के लिए मातृभूमिका को नई दिशा देंगी।

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