रामझरोखा मंदिर के 8 पट्टो में से एक पट्टा मंत्री पुत्र का बेनामी पट्टा, सरकार के मंत्री के सीधे हित जुड़े, अब चलेगी लड़ाई लंबी – संयम लोढ़ा

राज्य निर्वाचन आयोग पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनाव नहीं करके जनादेश के साथ कर रहे हैं खिलवाड़ – सीपी जोशी

सिरोही – रमेश टेलर

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि रामझरोखा मंदिर पट्टा प्रकरण में , जिला प्रशासन एवं नगर परिषद प्रशासन की संदिग्ध भूमिका का सबसे बड़ा कारण अब सामने आया है। दरअसल बने हुए आठ पट्टो में से एक पट्टा मंत्री पुत्र का बेनामी पट्टा है जो हरिश कीका भाई के नाम से बना हुआ है। यह पट्टा सबसे बड़ा कारण जांच को प्रभावित करने का है। इसी कारण से उक्त भूमि को जहां जिला कलेक्टर ने राजस्व भूमि बताया वहीं नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त जिसने जांच की उसने राम झरोखा न्यास की भूमि से बाहर का बताया जबकि 2001 में जब पट्टे का आवेदन संत जयरामदास ने किया तब खुद ने लिखित में दिया कि यह भूखंड़ न्यास की भूमि है। इस पर फूल वाटीका है, गाय खड़ी रहती है दूसरे लोग इस पर कब्जा करके इसे हड़पने की फिराक में है, अतः इसका पट्टा बनाया जाए। अब यह लड़ाई इसलिए लंबी चलेगी क्योंकि इसमें सरकार के मंत्री के सीधे हित जुड़े हुए है। लोढ़ा
नगर कांग्रेस एवं ब्लॉक कांग्रेस सिरोही द्वारा संगठन बढ़ाओ और लोकतंत्र बचाओ अभियान को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।

लोढ़ा ने कहा कि बीजेपी को चेतावनी दी की सिरोही से मंडार राष्ट्रीय राजमार्ग जो फोरलेन बन रहा है और उसकी जो बाईपास की डीपीआर बन रही है उसमें बीजेपी के कुछ लोगों को भूमि अधिग्रहण में सीधा फायदा पहुंचाने के लिए 76 करोड़ की लागत की डीपीआर मंजूर की गई जो सिरोही के लोगों के लिए घातक है जबकि जो मास्टर प्लान में बाईपास अप्रूव किया गया है, उसको बनाने पर 52 करोड़ ही खर्चा है उन्होंने कहा कि अभी सांसद ने दिल्ली में एनएचएआई मंत्री से जरूर मुलाकात की लेकिन इस बाईपास का उन्होंने जिक्र में किया वो अपने आप में संदेह प्रकट करता हैं।
बैठक मे को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी ने चेताया है कि भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के जरिए जो मतदाता सूची बनाई गई है उसके आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनाव नहीं करके एक गंभीर जनादेश के साथ खिलवाड़ करने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा लोकसभा के लिए एसआईआर के जरिए नई मतदाता सूची बन चुकी है तो उसी सूची के आधार पर चुनाव क्यों नहीं करवाया जाए।
इस दौरान रेवदर विधायक मोतीराम कोली, जिला अध्यक्ष लीलाराम गरासिया ने कहां कि हम सबको मिलकर संगठन को मजबूत बनाना है। कार्यक्रम प्रदेश महासचिव हरीश चौधरी, पूर्व सांसद प्रत्याशी संध्या चौधरी, पूर्व विधायक गंगाबेन गरासिया, पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र सांखला, समेत काफी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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