जावाल में विराट हिन्दू सम्मेलन व धर्मसभा का आयोजनभव्य भगवामय शोभायात्रा निकली, संतों का रहा सानिध्य


जावाल | (रमेश टेलर)
जावाल में शताब्दी महोत्सव के तहत रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन एवं विशाल धर्मसभा का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर में भगवामय वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतर्गत भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें संत-महात्माओं का सानिध्य रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
शोभायात्रा जावाल के शहीद स्मारक से प्रारंभ होकर सांचीयाव माता मंदिर, रामदेवजी मंदिर, बड़ी गली, मुख्य सड़क मार्ग, आंबेडकर सर्कल, बस स्टैंड होते हुए नीलकंठ धर्मशाला पर संपन्न हुई। शोभायात्रा में दिल्ली से आए कलाकारों द्वारा देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। डीजे की धुन पर युवाओं ने उत्साह के साथ नृत्य किया।


धर्मसभा में गूंजे जय श्रीराम के नारे
नीलकंठ धर्मशाला में आयोजित धर्मसभा को संत मंगलपुरी महाराज, भीमजी महाराज, गोविंद वल्लभाचार्य महाराज एवं मुख्य वक्ता भागीरथजी चौधरी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने समाज में एकता, समरसता और संस्कारों को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कारविहीन समाज प्रगति नहीं कर सकता। माताओं-बहनों से अपील की गई कि वे बच्चों में संस्कारों का रोपण करें तथा मोबाइल के दुष्प्रभावों से दूर रखते हुए उन्हें राष्ट्रभक्ति की ओर प्रेरित करें।
मुख्य वक्ता भागीरथजी चौधरी ने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में शताब्दी महोत्सव मनाया जा रहा है। संघ ने अपने सौ वर्षों की यात्रा में समाज को संगठित करने, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त करने का कार्य किया है।


सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। वहीं मनोज एंड रिया द्वारा श्रीराम एवं शबरी की झांकी ने सभी का मन मोह लिया। धर्मसभा के दौरान पांडाल जय जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
समिति की ओर से भामाशाहों का तलवार भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में जावाल सहित मंडल के जामोतरा, उड़ मंडवाड़ा, पाडीव, गोल एवं एवड़ी से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जाब्ता तैनात रहा।

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