सिरोही – (रमेश टेलर)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सिरोही नगर के देवेश्वर बस्ती व वराडा हनुमानजी के सत्संग पांडाल रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ।
सिरोही के कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य संत श्री श्री 1008 पागलगिरीजी एवं मुख्य अतिथियों संघ के विभाग प्रचारक संजीव कुमार द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में देवेश्वर बस्ती के टाकरिया, छोटी ब्रह्मपुरी, बड़ी ब्रह्मपुरी के स्थानीय नागरिकों, मातृशक्ति, युवाओं, वरिष्ठ स्वयंसेवकों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक उपस्थिति दर्ज कराई।

मुख्य वक्ता जालोर विभाग प्रचारक संजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि संघ का 100 वर्ष का स्वर्णिम इतिहास सेवा, संगठन, राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक उत्थान की प्रेरक गाथा है।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि अशोक उपाध्याय ने “सबका साथ–सबका विकास– सबका विश्वास”, भारतीय संस्कारों का संरक्षण, समाज में सामूहिक उत्तरदायित्व, तथा राष्ट्रभाव जगाने जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। संत श्री पागलगिरी ने समाज से आह्वान किया कि शताब्दी वर्ष को सेवा संकल्प वर्ष के रूप में मनाते हुए प्रत्येक घर-परिवार में संगठन, सद्भाव और संस्कारों की दीपशिखा प्रज्वलित की जाए।
कार्यक्रम में देवेश्वर बस्ती के स्वयंसेवकों द्वारा आकर्षक नृत्य, नियुद्ध प्रदर्शन, एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। साथ ही संघ की ओर से संचालित सेवा परियोजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिनमें ग्राम विकास, पर्यावरण, धर्मजागरण और परिवार प्रबोधन गतिविधियाँ शामिल हैं।

अंत में उपस्थित सभी जनों ने सामाजिक एकता, राष्ट्रहित, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा व सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान काफी संख्या में स्वयं सेवकों के साथ नगर के प्रतिनिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। तो वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी महोत्सव के पावन उपलक्ष्य में वराडा हनुमान जी धाम में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन अत्यंत भव्य, दिव्य, अनुशासित एवं ऐतिहासिक वातावरण में संपन्न हुआ। संपूर्ण परिसर भगवा ध्वजों, जयघोषों और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
यह दिव्य आयोजन संत मंगल गिरी महाराज, राम गिरि महाराज जावाल,रमेशभारती महाराज वराडा, वीरनाथ महाराज देलदर धाम के महंत के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ, जिससे कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्राप्त हुई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए संत मंगल गिरी जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं राष्ट्रप्रेरक उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय हिंदू समाज के लिए जागरण, संगठन और आत्मबल को मजबूत करने का समय है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, संस्कार और संगठन में निहित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि हिंदू समाज कमजोर होता है तो उसका प्रभाव केवल समाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे राष्ट्र की सुरक्षा, संस्कृति और पहचान पर पड़ता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक योगेश कुमार ने अपने मार्गदर्शक उद्बोधन में कहा कि आज के समय में हिंदू संगठन कोई विकल्प नहीं, बल्कि परम आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि संघ पिछले सौ वर्षों से समाज में अनुशासन, सेवा, राष्ट्रभक्ति और संस्कार का कार्य निरंतर करता आ रहा है।
इस दौरान संत महात्माओं के साथी क्षेत्र के गांवों से आए स्वयं सेवकों के साथ काफी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहे।

