बजरी खनन को ले कर ग्रामीणों में फिर आक्रोश, संघर्ष समिति के बैनर तले हुई बैठक
जावाल । (रमेश टेलर)कस्बे के खेजड़ी तिराहे के पास बायोसा मंदिर परिसर में मंगलवार को कृष्णावती नदी में समझौता शर्तों के विरुद्ध बजरी खनन को लेकर संघर्ष समिति की बैठक आयोजित हुई । बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की । संघर्ष समिति के नारायण लाल सुथार ने बताया कि गत मई महीने में करीब सात दिन तक चले धरने के दौरान दो लोग आमरण अनशन पर बैठे थे । उस दौरान राज्यमंत्री ओटाराम देवासी , सांसद लुंबाराम चौधरी, जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी समेत कई जनप्रतिनिधियों के साथ संघर्ष समिति के साथ लिखित समझौता कर आमरण अनशन को छुड़वाया था। उन्होंने ने बताया कि समझौते में प्रत्येक स्टॉक पर एक एक जेसीबी से चार पहिया डंपर भरने , पोकलैंड मशीन का उपयोग नहीं करने समेत कई बिंदुओं पर सहमति बनी थी । संघर्ष समिति के नारायणलाल सुथार ने बताया कि संघर्ष समिति की बैठक रख कर निर्णय लिया गया कि अगर दो दिन में पोकलैंड मशीनो द्वारा खनन पर रुक जाए तो ठीक है। अगर पोकलैंड मशीनो से बजरी खनन पर रोक नहीं लगती है ,तो आगामी 23 जनवरी को बैठक कर पुनः धरने की योजना बनाई जाएगी।
पूर्व में जनप्रतिनिधियो व संघर्ष समिति के बीच हुआ लिखित समझौता
गत 25 मई को सिरोही के सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों व संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल के बीच आमरण अनशन व धरना समाप्त को लेकर आपसी लिखित समझौता हुआ था । जिसमें सात बिंदुओं पर आपसी सहमति बनी थी । इसमें खनन की उच्च स्तरीय जांच व जांच में संघर्ष समिति के नौ सदस्य साथ रहेंगे। वहीं जब तक जांच पूर्ण नहीं होगी तब तक पूर्णतया खनन प्रतिबंध रहेगा । जांच पूर्ण होने के बाद अगर खनन चालू होता है तो कृष्णावती नदी के तीनों पॉइंट पर केवल एक एक़ जेसीबी से ही खनन होगा । किसी भी परिस्थिति में पोकलैंड और बड़े वाहनों नदी अंदर नहीं जाएंगे समेत आठ बिंदुओं पर सहमति बनाकर आमरण अनशन व धरना समाप्त किया था।
समझौता शर्तों के विरुद्ध खनन किया जा रहा है। समझौता शर्तों के अनुसार खनन होता है तो ठीक नहीं तो आगामी दो दिन बाद फिर धरने की योजना बनाई जाएगी ।
दिनेशसिंह जामोतरा संघर्ष समिति सदस्य

