शिवगंज में गौहत्या प्रकरण को लेकर कांग्रेस की बैठक

आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर निकाला पैदल मार्च

सिरोही – रमेश टेलर

शिवगंज में पिछले दस दिनों से गोवंश के कटे सिर मिलने की घटना को लेकर चल रहे घटनाक्रम के बीच शनिवार को शिवगंज स्थित कांग्रेस कार्यालय में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के सानिध्य में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाल ही में हुई गौहत्या के आरोपियों के नाम सार्वजनिक कर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की मांग के साथ-साथ क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयम लोढ़ा ने कहा कि गौमाता के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय से हर परिवार का आत्मीय रिश्ता जुड़ा हुआ है और यह केवल आस्था का नहीं, बल्कि संस्कृति और जीवन का विषय है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में सिरोही की नंदीशाला के लिए 4.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जो 2023 में खाते में आगये थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने उस राशि को धीरे धीरे मंजूर किया क्योकि उन्हें इसमें भी बेईमानी करनी थी ।

लोढ़ा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2014 के घोषणापत्र में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गौमांस निर्यात से जुड़ी कंपनियों से भाजपा को 250 करोड़ और उससे भी ज़्यादा भारी चंदे के रूप में मिलता है और साथ ही मांस काटने वाली मशीनों पर भी सब्सिडी दी जा रही है।
शिवगंज बंद समझौते के संदर्भ में लोढ़ा ने कहा कि 15 मई के बाद संबंधित अधिकारियों को हटाने की बात कही जा रही है, लेकिन चुंगी नाका प्रकरण में हुए कथित लेनदेन का क्या होगा। उन्होंने रामझरोखा जमीन प्रकरण का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इस मामले में भाजपा, आरएसएस और संबंधित लोगों की मिलीभगत रही है।

लोढ़ा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जनहित के मुद्दों—चिकित्सा, शिक्षा, स्वच्छता और पेयजल जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं—पर कार्य करना है।
बैठक के दौरान काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ प्रभुत्वजन मौजूद रहें।
बैठक के पश्चात सभी की सहमति से संयम लोढ़ा के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और गौभक्तों ने कांग्रेस कार्यालय से पैदल मार्च निकाला।
मार्च के दौरान “गौ माता बचाओ, हत्यारों को गिरफ्तार करो” के नारे लगाये, पैदल मार्च कांग्रेस कार्यालय से प्रारंभ होकर पुराने बस स्टैंड, मुख्य बाजार और गोल बिल्डिंग होते हुए पुनः कांग्रेस कार्यालय पहुंचा।

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